iOS क्या
है?और यह क्यों खास है दूसरे आपरेटिंग सिस्टम से सारी जानकारी हिंदी में
दोस्तों आप सभी लोगो ने Apple कंपनी का स्मार्टफोन जिसको आईफोन कहां जाता है उसे तो देखा ही होगा जो देखने में काफी अच्छा होता है और काफी महंगा भी होता है इस फोन को बहुत से लोग खरीदने के इच्छुक होते हैं.लेकिन Affordable Price में न मिलने के कारण आम लोग इसे खरीद नही सकते है. क्या आपको पता है.एप्पल का iphone लोगो को अपनी ओर क्यों आकर्षित करता है बहुत से लोगों का यह मानना है कि इस फोन का दाम बहुत ज्यादा है तो जरूर इसमें कुछ बढ़िया चीजे हो सकती है जो दूसरे प्लेटफॉर्म वाले फ़ोन में नहीं होती है.और कुछ लोगों की यह सोच भी रहती है कि अगर वह एक एप्पल का स्मार्टफोन ले लेते हैं तो उनके दोस्तों में तथा रिश्तेदारों के बीच उनकी एक अलग शान होगी लेकिन दोस्तो यह सब वजह नहीं है.जो एप्पल फोन को दूसरे स्मार्टफोन से अलग बनाती है इसकी वजह है इसका ऑपरेटिंग सिस्टम जिस पर यह डिवाइस रन करती है.एप्पल iOS पर रन करती है.जो विंडोज़ तथा एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम से बिल्कुल अलग है.
iOS क्या
है?
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| iOS iphone Operating System |
iOS का पूरा नाम है iphone Operating System iOS विंडोज तथा एंड्राइड आपरेटिंग सिस्टम की
तरह ही एक आपरेटिंग सिस्टम है जो Apple
Incarporate द्वारा बनाया गया iphone आपरेटिंग सिस्टम है. इसे मूल रूप से iPhone ओएस नाम दिया गया था, लेकिन जून, 2001 में आईओएस के लिए नाम दिया गया . आईओएस वर्तमान समय में iPhone, आइपॉड टच, और iPad पर चलाता है.और iOS एंड्राइड के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा
उपयोग होने वाला mobile फ़ोन का आपरेटिंग सिस्टम है.
आधुनिक डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह, आईओएस एक ग्राफिकल यूजर इंटरफेस, या जीयूआई का उपयोग करता है। हालांकि, यह एक मोबाइल
ऑपरेटिंग सिस्टम है, आईओएस को कीबोर्ड और माउस के बजाय टचस्क्रीन इनपुट के लिए बनाया गया है ।
उदाहरण के लिए, एप्लिकेशन, या "ऐप्स" को डबल-क्लिक के बजाय एक ही टैप द्वारा खोला जा सकता है।
खुली खिड़कियों पर क्लिक करने के बजाय स्क्रीन के पार अपनी उंगली स्वाइप करके
अलग-अलग स्क्रीन देखी जा सकती है.
मतलब यह है कि आप डिवाइस पर उंगली को स्वाइप करने से अगले
पेज पर जा सकते हैं और काम कर सकते हैं। अगर आप स्क्रीन को ZOOM करना चाहते है तो
आपको ऊँगली से पिंच करना होगा और स्क्रीन ZOOM हो जाएगी.
चूंकि आईओएस को सरल और उपयोग में आसान होने के लिए डिज़ाइन
किया गया है, इसलिए इसमें पारंपरिक ऑपरेटिंग सिस्टम में पाए जाने वाले कई फीचर्स शामिल नहीं
हैं। उदाहरण के लिए, आप मैक ओएस एक्स या विंडोज में फ़ाइलों और फ़ोल्डरों का प्रबंधन नहीं कर सकते
हैं। आपके पास आईओएस सिस्टम सेटिंग्स तक सीमित पहुंच भी है। प्रत्येक प्रोग्राम के
भीतर से आवेदन वरीयताओं को संशोधित करने के बजाय, अधिकांश सेटिंग्स को सेटिंग्स ऐप के भीतर समायोजित करने की
आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त, जब आप एक बार में कई प्रोग्राम चला सकते हैं, तो आप केवल एक समय में एक खुला कार्यक्रम देख सकते हैं।
जबकि ऐप्पल का आईओएस मैक ओएस एक्स की तुलना में अधिक
बुनियादी यूजर इंटरफेस प्रदान करता है, प्रत्येक नया संस्करण अधिक सुविधाएं जोड़ता है। उदाहरण के
लिए, आईओएस 2 ने ऐप स्टोर तक पहुंच प्रदान की, जिसने उपयोगकर्ताओं को अपने आईफोन पर थर्ड पार्टी ऐप
डाउनलोड करने और इंस्टॉल करने की अनुमति दी । आईओएस 3 ने कॉपी और पेस्ट फंक्शनैलिटी और आईपैड सपोर्ट जोड़ा ।
आईओएस 4 मल्टीटास्किंग का समर्थन करने वाला पहला संस्करण था और
गेमसेंटर फीचर जोड़ा गया था। आईओएस 5 ने सिरी वॉयस असिस्टेंट (केवल आईफोन 4S पर उपलब्ध) पेश किया और नए क्लाउड कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गये
है.
iOS दूसरे ऑपरेटिंग
सिस्टम से अलग कैसे हैं?
iOS दूसरे ऑपरेटिंग
सिस्टम से बिल्कुल अलग है क्योंकि यह अपने डिवाइस में मौजूद सभी एप्स को अपने
प्रोटेक्टिव सेल के अंदर रखता है जिससे ऐप एक दूसरे से दूर रहें और एक दूसरे के काम में दखल अंदाजी ना
करें iOSको इस प्रकार इस लिए डिजाइन किया गया है ताकि डिवाइस
में अगर गलती से भी कोई वायरस आ जाता है तो वह दूसरे ऐप को नुकसान पहुंचाने में
नाकामयाब हो सके जबकि दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसा कोई feature नहीं मिलता है.ऐसा कोई पीछे देखो नहीं मिलता है जो प्रोडक्ट सेल होते हैं
वह ऐप्स के घेरे हुए हैं इसलिए उनके कारण एप्स में बहुत पिक कमियां भी आ जाती है
क्योंकि एक ऐप दूसरे ऐप से डायरेक्ट कम्युनिकेट नहीं कर पाते हैं जैसे हम एंड्रॉयड
OS के डिवाइस में देखते हैं कि अगर कोई न्यूज़ किसी ने व्हाट्सएप पर भेजी हो तो हम उसे किसी भी ब्राउज़र जैसे क्रोम की
मदद से खोल कर देख पाते हैं इसमें Whatsapp क्रोम के साथ डायरेक्ट कम्युनिकेट कर
पाता है यही feature हमें iOS में नहीं मिलती है लेकिन यह एक अलग ही एक्सटेंस का उपयोग करता है जिसे exbility कहते हैं यह
feature app को एक दूसरे से communicate करने के लिए user से approvel मांगता है आईओएस
और एंड्रॉयड ओएस की बीच एक मुख्य अंतर और
भी है जो कि लोगों को बहुत अधिक पसंद आती
है और कोई यह है कि एंड्राइड के साथ आपको Choice मिलती है जिसमें आप दूसरी कंपनी के फोन का
इस्तेमाल कर सकते हैं जिनमें एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड किया जाता है जैसे
सैमसंग, एलजी.Xiomi .HTC,OPPO, लेकिन iOS एप्पल के द्वारा बनाये गये device पर ही
रन कर सकती है.
Android क्या है?
iOS का इतिहास क्या है
2005 में जब स्टीव
जॉब्स ने आईफोन की योजना बनाना शुरू की तो उनके पास दो विकल्प थे पहला एमएससी यानी
मैक को छोटा करने का जो एप्पल कंपनी का
मैकिनटोश डेस्कटॉप है और दूसरा आईपॉड को और
बड़ा करना इस समस्या को सुलझाने के लिए वे इसके लिए मैक और आईपॉड बनाने वाले दल
से मिले और उसके बाद उन्होंने ने iphone
के लिए iOS बनाने का निर्णय लिया उसके बाद
साल 2007 जनवरी में iphone के साथ नया ऑपरेटिंग सिस्टम रिलीज़ किया गया iphone रिलीज़ के समय ऑपरेटिंग
सिस्टम का नाम आईफोन OS रखा गया शुरुआत
में आईफोन OS में कोई भी थर्ड पार्टी ऐप को डिवाइस में चलाने की इजाजत नहीं दी गई
थी कि स्टीव जॉब का विचार था कि एप्लीकेशन डेवलपर सफारी वेब ब्राउजर के जरिये वेब app को develop
कर सकते है ताकि iphone वेब app के ऊपर
निर्भर करेगा. अक्टूबर 2007 में एप्पल ने घोषणा की कि एक मुख्य सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट SDK विकास में है और
उन्होंने इसे डेवलपर के हाथों में फरवरी
में रखने की योजना बनाई गई 6 मार्च 2008 में आई फ़ोन SDK बनकर तैयार हो गया और इसकी घोषणा की गई 10 जुलाई 2008 में फिर इसके बाद iOS APP स्टोर को खोला
गया जिसमें शुरुआत में 500 एप्लीकेशंस मौजूद थे लेकिन सितंबर 2008 से लेकर
2017 तक इसकी संख्या 2.2 मिलियन हो गई थी इन app को 130 अरब बार डाउनलोड क्या
गया था क्योंकि यह बहुत बड़ी बात है
सितंबर 2007 में एप्पल आईपॉड की घोषणा की उसके बाद जनवरी 2010
में आईपैड की घोषणा की जिसमें आईफोन और आईपॉड की तुलना में बड़ी
स्क्रीन थी जिसे वे वेब ब्राउज़िंग मीडिया conjuption के लिए डिजाइन किया गया था
जून 2010 में एप्पल iphone ओस को ios के नाम से बदल दिया
पहले एप्पल ओस ज्यादा प्रोग्राम को संभल नही पता था इसलिए उन्हें नया ऑपरेटिंग
सिस्टम iOS बनाना पड़ा एप्पल का iOS वर्तमान का मुख्य सॉफ्टवेयर है जो iphone ipad
ipod touch ipad mini mobile के सभी मोडल पर टच मोबाइल डिवाइस तथा
एप्पल की स्मार्ट वाच पर भी यही ऑपरेटिंग सिस्टम चलता है. और एप्पल जब भी कोई नया
feature ऐड करता है तो इसे सॉफ्टवेयर अपडेट कहा जाता है.एप्पल हर साल iOS का नया
version लाता रहता है.
अब तक 13
iOS के वर्ज़न्स आ चुके हैं तो चलिए हम iOS के अब तक आने वाले सभी
version के बारे में बात करेंगे.
iOS के सभी Versions
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iOS Version |
रिलीज़ हुआ |
सपोर्ट बंद हुआ |
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iOS 1 |
2007 |
2010 |
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iOS 2 |
2008 |
2011 |
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iOS 3 |
Version 3.2.2, 2010 |
2012 |
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iOS 4 |
Version 4.3.5, 2011 |
2013 |
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iOS 5 |
2011 |
2014 |
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iOS 6 |
2012 |
2015 |
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iOS 7 |
2013 |
2016 |
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iOS 8 |
2014 |
अभी चल रहा हैं। |
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iOS 9 |
2015 |
अभी चल रहा हैं। |
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iOS 10 |
2016 |
अभी चल रहा हैं। |
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iOS 11 |
2017 |
अभी चल रहा हैं। |
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iOS 12 |
2018 |
अभी चल रहा हैं। |
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iOS 13 |
2019 |
अभी चल रहा हैं। |
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iOS13 के कुछ फीचर्स
निम्नलिखित है.
- इसमें Dark Mood पूरे
फोन में चलता हैं।
- Apple User अपने अकाउंट
से साइन इन कर सकते हैं।
- नए सुरक्षा के फीचर्स
इसमें उपलब्ध है.
- सिरी की आवाज़ में
सुधारकिया गया है.
- iPhone 5S तथा 6 Series में यह वर्जन नहीं चल सकेगा.
इसे भी पढ़े...
ऑपरेटिंग सिस्टम OS क्या है? और यह कैसे कार्य करता है.
Android क्या है? और इसके कितने संस्करण है.
Conclusion
मुझे आशा है कि आपको iOS क्या है?इसका इतिहास क्या है. के बारे में पूरी तरह से जानकारी मिल गयी होगी अगर आपके मन में कोई आशंका या Doubts है . या आपको लगता है इसमें कोई सुधार होना चाहिए तो आप बे झिझक मुझे Comment कर सकते हो मै उसे जरूर गंभीरता से लूँगा आपके इन्ही विचारो से हमें कुछ सीखने तथा सुधारने का मौका मिलेगा.
अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो आप अपने दोस्तों में भी शेयर करिये...
धन्यवाद/

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