VI क्या है? क्या ये जिओ को टक्कर दे पायेगा.

VI क्या है?


VI क्या है? क्या ये जिओ को टक्कर दे पायेगा.


VI का पूरा नाम है Vodafone Idea अब दोस्तों जो वोडाफोन आइडिया जो स्ट्रगल कर रहा था क्योंकि वोडाफोन अलग चल रही थी idia  अलग चल रहा था आईडिया के टावर अलग थे वोडाफोन के टावर से तो दोनों कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के अंदर मर्ज हो गई थी 2018 में लेकिन अभी

तक इनकी सारी चीजे अलग चल रही थी शॉप अलग थे. सिम अलग थी.सब कुछ अलग था लेकिन अब VI करके एक ब्रांड बना दिया गया है

VI नाम से तो यहां पर अगर आप वोडाफोन की वेबसाइट ओपन करते हैं तो आटोमेटिक लिए माय vi.in पर ले आएंगे और आपको बताएंगे वोडाफोन आइडिया एक हो चुका है इसी तरह Idea की  वेबसाइट खोलेंगे तो आज की तारीख में आपके पास वोडाफोन आइडिया की सिम है तो थोड़े दिनों में उसके अंदर भी लिखा आ जाएगा वहां पर लिख कर आ जायेगा की आप पुरानी सिम use कर रहे हो  पुरानी ऐप यूज कर रहे हो वह सब हटा कर अब आपको वीआई एप इंस्टॉल करनी पड़ेगी और VI की वेबसाइट से आपके सारे प्रीपेड और पोस्टपेड नंबर जो है वह रिचार्ज कर सकते हो तो घुमा फिरा कर बोले तो दोनों मर्ज हो गई है एक नई कंपनी आ गई है इंडिया में जिसका नाम दिया गया है VI इनको 2 साल क्यों लग गए.


Vodafone Idea इतने घाटे  में क्यों गये?

 

 जैसे ही जिओ की एंट्री हुई थी उसके बाद vodafone-idea धीरे-धीरे खत्म होने लगा था आज भी

 आप देखोगे तो 40 करोंड़ user base था कम कम होते अब 28 करोंड़ का  ही बचा है बीच में AGR का एजेंडा आ जिसके वजह से ये इतना घाटे में काफी कर्जा भी आया था उस हिसाब से उनको एक दो महीने में Government को सारा पैसा देना था तो vodafone-idea की बात करें तो उनको ₹58000 करोंड़  देना था इनके पास इतने पैसे ही नहीं थे तो जैसे तैसे बहुत सारी सुनवाई चली और फाइनली सुप्रीम कोर्ट ने बोल दिया कि भैया इकट्ठा पैसा हमको एक दो महीने में मत दो आप को हम  10 साल का समय देते आप इंस्टॉलमेंट में दे देना उनके पास 10 साल का पैसा जमा करने का 1000 करोड़ देना तो 10 साल के हिसाब से देखें तो हर साल 5-5 हजार करोड रुपए देते रहेंगे इस हिसाब से उनको एक लाइफ लाइन मिल गई एक ऑक्सीजन मिल गई इस को करने के लिए पूरा बिजनेस मॉडल को जैसे ही इनको पता चला कि पैसे 10 साल में देना उनको ऑक्सीजन मिल गई 10 साल तो वह  सरवाइव कर सकते हैं जैसे तैसे पैसे इकट्ठा कर सकते हैं और अभी नई news  आई है कि वोडाफोन आइडिया के अंदर बाहर की कंपनी amazone और बहर की कंपनी पैसा लगाने को तैयार है.


Jio इतना मुनाफे में कैसे गया?

आपने देखा होगा जिओ के अन्दर फेसबुक माइक्रोसॉफ्ट और कई बड़ी बड़ी कंपनी ने इतना इन्वेस्टमेंट कर दिया कि जिओ के पास एक भी रुपए का लोन नहीं है वह जो भी पैसे उसके पास है सब कुछ उसके खुद के हैं उसको किसी को लोन नहीं चुकाने vodafone-idea की बात करो तो 1.2 लाख  करोड रुपए का कर्ज है उसमें से भी पचास हजार करोड़ तो अलग से देना गवर्नमेंट को उनके पास बहुत दिक्कत है पैसे की मर्ज करने के बाद में करेंगे आगे जाकर vodafone-idea का नेटवर्क यूज करके अपनी सारी सर्विसेस प्रमोट करें सर पर्सपेक्टिव से देखें तो आज की तारीख में इंडिया में सिर्फ तीन ही कंपनी बची है पहले तो है वी आई दूसरी है जियो तीसरी है एयरटेल तो आपको पता ही है भर भर के इन्वेस्टमेंट ला रहा है वह अलग है कि जिओ अलग  सिस्टम में जा रहा है वह बोल रहा है कि आप हमारे ही ऐप यूज करो हमारी है  सारी app का उसे  करो हमारी ऐप पर वीडियो कॉल करो हमारी app से शॉपिंग करो सब कुछ हमारा होना चाहिए नेटवर्क से लेकर इंटरनेट इंटरनेट से फोन तक सब कुछ पूरे घर के अंदर जितनी चीजें हो तो वो हमारे ही नेटवर्क को सब कुछ हमारा ही हो vodafone-idea जो है और एयरटेल जो है यह आपस में जिओ से भी टक्कर ही कर रहे हैं क्योंकि उनके पास बहुत सारी चीजें आ चुकी है और जिओ की सबसे अच्छी बात यह है कि इसका base कोर है वह उसका इंटरनेट है क्योंकि इंटरनेट के ऊपर ही सारी चीजें चलेंगे कल को व्हाट्सएप फेसबुक चलाना चाहोगे तो वो  किसी ना किसी इंटरनेट  से तो जुड़ना ही पड़ेगा.

 

VI क्या जिओ को टक्कर दे पायेगा.?

VI Vodafone Idea ने कहा है कि हम सेल्फ Optmis Dynamic नेटवर्क लाने वाले है. जो इन्हों ने कहा कि ये खुद डायनेमिक नेटवर्क है खुद को ऑप्टिमाइज कर लेता है अभी जो VI वाला है जो भी डाटा लोड होगा उसी हिसाब से ज्यादा स्पीड बढ़ेगी कम लोग होगे तो उसी हिसाब से  सबको नेटवर्क बांटा जाएगा रिसोर्ट का सही इस्तेमाल किया जाएगा यहां पर अब जिओ का बोल बाला तो हुआ है अच्छी बात है कि जिओ पॉपुलर नेटवर्क है बुरी बात यह है कि जब ज्यादा लोग किसी नेटवर्क पर आ जाते हैं तो उसकी स्पीड कम हो जाती है तो यही जिओ के साथ हुआ भाई स्पीड बहुत कम हो गई है. शायद जिओ 5G लाने में बिजी हो गया है. अब इन लोगो को देखो क्या सच में जिओ को टक्कर देते है. अब Advertising देख कर के तो नही कहा जा सकता .हा जब ये क्रोना का टाइम खत्म हो जायेगा तो ये अपनी technology ले कर आएंगे क्यों कि Amazone जैसी बड़ी कंपनी VI का साथ दे रही है. इंडिया में अपनी नेटवर्क and इन्टरनेट सर्विस अच्छी करने के लिए अब देखना ये है क्या वकई VI जिओ को टक्कर देने में सक्षम होगी.

 Conclusion

मुझे आशा है कि आपकोVIक्या हैके बारे में पूरी तरह से जानकारी मिल गयी होगी अगर आपके मन में कोई आशंका या Doubts है . या आपको लगता है इसमें कोई सुधार होना चाहिए तो आप बे झिझक मुझे Comment कर सकते हो मै उसे जरूर गंभीरता से लूँगा आपके इन्ही विचारो से हमें कुछ सीखने तथा सुधारने का मौका मिलेगा.

अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो आप अपने दोस्तों में भी शेयर करिये...

धन्यवाद/

 


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