Cyber Attack क्या होता है? [और इससे कैसे बचे.साइबर अटैक किस तरह से होता है.]
दोस्तों आज जिस तरह से कंप्यूटर और मोबाइल हमारे जीवन का एक हिस्सा बन गये है. आज के टाइम में कोई ऐसा काम होगा जो बिना कंप्यूटर के मदद से किया जाता हो.चाहे वह कोई कंपनी हो या अपना खुदका business हर जगह पर कंप्यूटर और मोबाइल का उपयोग किया जाता है.जिस तरह कंप्यूटर Super Computer बन गये और Mobile Phone Smart Phone बन गये.आज के टाइम में Computer और Mobile के बिना हम अपने जीवन की परिकल्पना भी नही कर सकते है. जिस तरह से ये Technology हमें फायदा पहुचाती है उसी तरह हमें इन से कभी कभी भरी नुकसान भी उठाना पढता है.जैसे- Hacking और Cyber Attack, ये दोनों नाम अलग अलग है मगर इन दोनों का काम हमें नुकसान पहुचाना है.कोई भी चीज जब तक हमारे नियंत्रण में रहती है. तब तक वह हमारे लिए काम करती है.और हमें फायदा पहुचाती और हमारा काम आसान बनाती है.ये तो एक मशीन है. इनको गलत तथा सही का कोई अनुभव नही है. इस लिए जब हमारा इनसे नियंत्रण हट जाता है.तथा ये दूसरे के नियंत्रण में आ जाते है.तो फिर ये हमारे लिये काम न करके दूसरे के लिए काम करने लगते है.जो इनको अपने नियंत्रण में कर लेता है.फिर ये Device हमारे लिए घातक साबित होते है. इसी को Cyber Attack नाम दिया गया है.
साइबर अटैक क्या होता है?
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| Cyber Attack |
समय-समय पर मीडिया में यह चर्चा
होती रहती है कि सरकारी वेबसाइट हैक हो गई
या फलाँ वेबसाइट पर चीन या पाकिस्तान के हैकर्स ने कब्ज़ा करके उसे कुछ समय के लिये
बंद कर दिया है.
‘साइबर अटैक’ शब्द का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों से
इंटरनेट के माध्यम से किये जाने वाले
हमलों को बताने के लिये किया जाता है। इसमे कंप्यूटर वायरस जैसे Malware ,virus trosen, clickjac king, fishing आदि.जैसी चीजे
शामिल है जिससे कंप्यूटर को क्षति पहुचाने वेबसाइट हैक करने तथा ब्लैक मनी जैसी
चीजे शामिल है जिसे हैकिंग भी कहा जाता है.
हैकिंग क्या होता है?
हैकिंग किसी इन्सान के द्वारा
कंप्यूटर तथा इन्टरनेट के माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति या संस्थान को नुकसान
पहुचाने तथा Money या महत्वपूर्ण डाटा को चुराने की प्रक्रिया को हैकिंग कहा जाता
है. सब से पहले हैकर किसी भी इन्सान के कंप्यूटर सिस्टम की कमियों ढूढता है . फिर
उसके बाद कुछ नियोजित तरीके से उस पर उसके कंप्यूटर सिस्टम पर हमला करता है. वैसे
तो हैकिंग को गैरकानूनी माना गया है.लेकिन कभी कभी इसका इस्तेमाल दूसरो को फायदा
पहुचाने के लिए भी किया जाता है.और जो लोग ये कम करते है उन्हें हैकर कहा जाता है.
हैकर का मुख्य उद्देश्य पैसा ही नही होता है. कभी कभी कोई अपने शौक के लिए यह
कार्य करता है.तथा कोई इन्टरनेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाने तथा अपने आप को
दूसरे कंप्यूटर एक्सपर्ट से बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. हैकर मुख्यता तीन
प्रकार के होते है.
White Hat Hacker
इन हैकर को अच्छी श्रेणी में रखा
गया है क्यों कि इनका उद्देश किसी को नुकसान पहुचाने का नही होता बल्कि ये किसी
संस्था तथा बैंक की सुरक्षा करते है.तथा सरकार इनको अपनी वेबसाइट की सुरक्षा करने
के लिए नियुक्त करती है.
Black Hat Hacker.
इन हैकर को बुरी श्रेणी में रखा गया
है क्यों की इनका काम सिर्फ दूसरो को नुकसान पहुचाना तथा उनका पैसा चुराना तथा
उनकी निजी जानकारी को चुराना होता है. ये हैकर कभी कभी बड़ी बड़ी संस्थानों तथा बैंक
को वित्तीय नुकसान पहुचाने के लिए भी हैकिंग करते है.
Gray Hat Hacker.
इन हैकर को बुरे तथा अच्छे दोनों
हैकर की श्रेणी में रखा गया है.क्यों की ये कुछ समय के लिए अच्छे काम करते है तथा
अधिक पैसा कमाने के लिए लिए ये लोग Black Hat Hacker का काम करने लगते है.
साइबर
हमला कैसे किया जाता है?
मतलब Cyber Attack क्या होता है.किस जरिए से साइबर हमला किया जा सकता है तो यहां पर एकमात्र जरिया है इंटरनेट जैसा की आप सभी को पता है किसी भी वेबसाइट का एक लिंक होता है उसका एक आईपी एड्रेस होता है और जब तक हम उस लिंक के ऊपर क्लिक नहीं करते तब तक हम उस वेबसाइट को विजिट नहीं कर सकते तो यहां पर साइबरक्रिमिनल्स किसी भी तरीके से वह जो लिंक होता है वह आपके साथ में शेयर करते हैं आप तक पहुंचाते हैं और जब आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं तो आपके ऊपर साइबर अटैक हो सकता है.
Mobile S.M.S के जरिये
मोबाइल के लिए बात करें तो सबसे पहला जरिया होता है S.M.S हो सकता है आपके पास में कोई S.M.S रिसीव हुआ हो जिसके अंदर कोई link दिया हो जिसके अंदर कोई कांटेक्ट नंबर दिया हो किसी भी तरह का जॉब ऑफर आपके पास में आ सकता है लॉटरी का झांसा भी आप को दिया जा सकता है और इस तरीके के मैसेज आपके साथ में शेयर किए जाते हैं ऐसे S.M.S आपको मिलते हैं और उनके अंदर एक लिंक होता है आप उस मैसेज को पढ़ने के बाद में उस लिंक के ऊपर क्लिक करते हैं और साइबर क्रिमिनल्स के चंगुल में फंस जाते हैं
लिंक शेयरिंग
दूसरा तरीका होता है व्हाट्सएप लिंक शेयर करना या कई बार किसी भी तरह के लुभावने ऑफर आप तक पहुंचाए जाते हैं और उनके अंदर लिंक भी ऐड किया जाता है और आप बिना सोचे समझे उस लिंक के ऊपर क्लिक कर देते हैं और आप उनके चंगुल में फंस जाते हैं कॉल के जरिये भी आप पर Cyber Attack हो सकता है जैसे आपका नंबर किसी तरह लीक हो गया हो और किसी ऐसी एजेंसीज को मिल गया हो जो आप के साथ फ्रौड करना चाहते हो तो वह आपको कॉल करते हैं और कॉल करने के बाद में आपको कुछ इंस्ट्रक्शन फॉलो करने के लिए कहते हैं उनमें हो सकता है वह किसी लिंक के ऊपर आपको लेकर जाएंगे आपको वहां पर आपको क्लिक करने के लिए कहें और कुछ इंफॉर्मेशन देने को कहे तो आप इस केस में भी उनके चंगुल में फंस सकते हैं.
Unknown वेबसाइट पर विजिट करना
तो सबसे पहले जब आपको किसी टॉपिक की जानकारी नहीं होती तो
आप उसको गूगल में सर्च करते हैं और तरह-तरह की वेबसाइट आपके सामने निकल कर के आ जाती हैं जब आप को बिल्कुल ऑथेंटिक ओरिजिनल वेबसाइट
का पता नहीं होता तो आप किसी भी वेबसाइट के लिंक के ऊपर क्लिक करते हो और Unknown वेबसाइट को विजिट करते हैं. जो बिना
https वाली होती है ऐसी कुछ साईट में malware भी होते है जिससे आपका महत्वपूर्ण
डाटा लीक हो सकता है. और इसके अलावा एक तरीका हो सकता है ईमेल के जरिए लेकिन बहुत
से लोग ईमेल को काम में नहीं लेते लेकिन जो लोग काम में लेते हैं तो ईमेल के जरिए भी कुछ लोग आपको मेल करते
है तथा उस मेल में लिंक छोड़ देते है.और उसमे send करने वाले का कोई पता नही होता
और जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते है तो
आप उनके चगुल में फंस जाते है.
ऐसे लोग होते हैं हो सकता है कोई एक व्यक्ति हो या फिर कुछ लोगों का ग्रुप हो इन लोगों का मुख्य उद्देश्य होता है लोगों को ठगना उनसे किसी भी तरीके से पैसे ऐठना इसके लिए वह आप को ब्लैकमेल कर सकते हैं किसी भी तरह की फिरौती की मांग कर सकते हैं तो यही सब कुछ उनका उद्देश्य होता है.
Government
लेवल पर Cyber अटैक
दूसरी कैटेगरी की बात की जाए तो यहां पर यह गवर्नमेंट लेवल पर भी होता है सरकारों के लेवल पर भी होता है विभिन्न देशों के अंदर सरकारों के पास में भी ऐसी टीम रहती है जो कि इस तरह का काम करती है जब किसी दूसरे देश के अंदर जासूसी करनी हो या वहां के सिस्टम को डैमेज करना हो या फिर वहां से जानकारी को चुराना हो या फिर वहां पर जासूसी करनी हो तो कुछ सरकारें भी ऐसा काम करती हैं.जैसे अभी मीडिया में खबर चल रही थी कि चाइना के द्वारा भारत पर एक हफ्ते में 40 हजार साइबर अटैक हुआ भारत हाई अलर्ट पर था.
साइबर अटैक से कैसे बचे?
आप जैसे और मेरे जैसे आम लोगों को
क्या सावधानियां रखनी चाहिए ताकि हमारे डाटा हमारी जानकारियां सुरक्षित रह सकें और हम किसी भी तरह की
ऑनलाइन ठगी या साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बच सकें
तो
A. सबसे पहली बार आपको किसी भी तरह के Unknown लिंक के ऊपर कभी भी क्लिक नहीं करना है कि आपको एसएमएस के द्वारा लिंग प्राप्त हुआ या चाहे व्हाट्सएप या टेलीग्राम के द्वारा लिंक प्राप्त हुआ हो आपको किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक टि्वटर आदि के द्वारा प्राप्त हुआ हो या फिर आपको फोन कॉल से किसी ने ऐसा करने के लिए कहा हो आप को किसी भी सूरत में Unknown लिंक के ऊपर क्लिक नहीं करना है जब तक कि आपको पूरी तरह से जानकारी न हो की लिंक पूरी तरह से ठीक है और जिस व्यक्ति ने आपको भेजा है वह भी पूरी तरह से आपउसे पर्सनली जानते हैं
B. दूसरा तरीका है आपको तरह-तरह के
लुभावने ऑफर देते हैं कोई आपको महंगी चीज सस्ते दामों पर बेचने की बात करता है तो ऐसे
किसी भी ऑफर के झांसे में नहीं आए ऐसा कभी भी नहीं होता है जब भी कभी आपको ऐसा
मैसेज देखने को मिले जिसमें गवर्नमेंट ऑफिस की बात की जाती है तो गवर्नमेंट की खुद
की जो वेबसाइट होती है गवर्नमेंट डोमेन वाली जिनके एंड में वेबसाइट का जो एड्रेस
होता है उसके एंड में gov.in आपको देखने को
मिलेगा या फिर आपको nic.in देखने को मिलेगा तो उन वेबसाइट को
विजिट करके और ऑथेंटिक न्यूज़ वहां से आप ले सकते हैं तभी आपको केवल विश्वास करना
चाहिए
C. इसके आलावा आप सिर्फ उन साईट को
विजिट करे जिनमे सिक्योर सर्टिफिकेट https यूज़ नहीं तो केवल सिक्योर वेब साइट्स
को ही विजिट करें जिनके अंदर एचटीटीपीएस का यूज किया गया हो अन्यथा वेबसाइट को
विजिट नहीं करें
D. इसके अलावा आप अपने बैंक का किसी भी
तरह का ओटीपी और पासवर्ड किसी अन्य के साथ में शेयर नहीं करें अपने कार्ड की
क्रेडिट कार्ड की डिटेल एटीएम या डेबिट कार्ड की डिटेल्स किसी के साथ में भी शेयर
नहीं करें बैंक आपसे कभी भी ऐसी जानकारी नहीं मांगता है कभी कबार आपके पास में फोन
कॉल आ जाते हैं और आपसे ओटीपी के बारे में पूछते हैं कि हम आपके बैंक से आपके पास में कॉल कर रहे हैं वेरिफिकेशन
का फोन है आपके मोबाइल के ऊपर कोई ओटीपी आएगा तो वह हमें बताएं ओटीपी कभी भी किसी के साथ में शेयर नहीं करना
चाहिए कभी भी नहीं किसी भी सूरत में नहीं तो आप इन तरीको से साइबर अटैक से बच सकते
हैं .
Conclusion
मुझे आशा है कि आपको Cyber Attack क्या होता है?और इससे कैसे बचे. के बारे में पूरी तरह से जानकारी मिल गयी होगी अगर आपके मन में कोई आशंका या Doubts है . या आपको लगता है इसमें कोई सुधार होना चाहिए तो आप बे झिझक मुझे Comment कर सकते हो मै उसे जरूर गंभीरता से लूँगा आपके इन्ही विचारो से हमें कुछ सीखने तथा सुधारने का मौका मिलेगा.
अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो आप अपने दोस्तों में भी शेयर करिये...
धन्यवाद/

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