internet क्या होता है?

 

Internet क्या होता  है? सारी जानकारी हिंदी में 

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Internet


Internet के अविष्कार ने सूचना प्रोधोगिकी को जहाँ बड़े स्तर पर प्रोत्साहन किया है वही इसने मानव जीवन शैली पर अपना व्यापक प्रभाव छोड़ा है . यह एक क्रांति है जिसने हर वर्ग को अपने घेरे में ले रखा है.

जैसे चिकित्सा, अभियंता, वैज्ञानिक शोध , व्यवसाय शिक्षक विद्यार्थी आम नागरिक सभी के लिए इन्टरनेट का प्रयोग करना आज मजबूरी बन गया है.

 Internet क्या है 

सामान्य शब्दों में इन्टरनेट नेटवर्क का नेटवर्क है या विश्व स्तरीय संचार प्रणाली है जिसके माध्यम से दुनिया भर के अलग –अलग नेटवर्क आपस में जुड़े है . परिणामस्वरूप यदि किसी नेटवर्क का कोई Computer किसी अन्य नेटवर्क के Computer से communate कर सकता है . इस कनेक्शन की हेल्प से इन्टरनेट से जुड़े user संदेशो का आदान प्रदान कर सकते है

Internet का अविष्कार किस प्रकार हुआ और यह कैसे अपने आज के विकसित समय  में पंहुचा यह एक बड़ा स्वाभाविक सवाल है जो कि हर एक इन्टरनेट user के मष्तिस्क में आता है इन्टरनेट की विकाश यात्रा को लगभग 40 वर्ष हो गये है . इन्टरनेट के पिता कैलिफोर्निया विश्व विद्यालय के प्रोo. लियोनार्ट क्लिनार्ट को कहा जाता है . डाo क्लीनराक को कहा जाता है . डाo क्लीनराक  और उनके साथियों ने 2 सितम्बर 1969 को दो computer के बीच संवाद कायम करने में सफलता पायी .

इन्टरनेट सर्विस क्या है?

सामान्यता इन्टरनेट user केवल वर्ल्ड वाइड वेब को ही इन्टरनेट का मात्र संसाधन समझा जाता है लेकिन वस्तु स्थिति यह है . की इन्टरनेट web प्रयोग करने तथा इलेक्ट्रानिक मेल के आदान प्रदान के अतिरिक्त कई महत्वपूर्ण सेवाओ का दाता है. ये सेवाएँ निम्नलिखित है.

इलेक्ट्रोनिक मेल ( Electronic Mail)

 

यह अत्यधिक रूप से प्रयोग होने वाला इन्टरनेट सेवा है. जिसे संक्षेप में ई – मेल (e- mail) कहते है. ई – मेल पते के दो भाग होते है User Name तथा Domane Name. User Name में कही भी space नही हो सकता है . इसके जरिये  सूचना को जल्दी से  भेजा या प्राप्त किया जा सकता है. इसके लिए प्रत्येक  उपयोगकर्ता का ई-मेल एड्रेस तथा पासवर्ड होता है जो कि ई-मेल एकाउन्ट बना कर प्राप्त किया जाता है. पासवर्ड से उपयोगकता अपने ई-मेल की गोपनीयता बरकरार रख सकता है. ई-मेल का का अर्थ उस  संदेश के  बारे में बताता है. ई- मेल में एक स्टोरेज क्षेत्र होता है जिसे मेल बॉक्स कहते है. प्रेषित मेल प्राप्तकर्ता के मेल बॉक्स में चला जाता है, जिसे खोलकर प्राप्तकर्ता संदेश प्राप्त कर सकता है .ई-मेल के साथ ग्राफ , ध्वनि , फाइल या फोटो जोड़कर भेजा जा सकता है, जिसे Attachment कहते है. यह डाक टिकट की आवश्यकता को घटाता है. तथा संदेश में लगे समय की बचत कराता है. Droft फोल्डर संदेशो की कॉपिया रखता है. ई-मेल के जन्मदाता आर. टोमलिंसन है. पहला फ्री ई- मेल सेवा के जनक तथा शुरुआत करने वाले  सबीर भाटिया है जिन्होंने जून 1996 में हॉटमेल शुरू किया. भारत में प्रमुख ई-मेल प्रदाता करने वाले साईट निम्नलिखित है.

a)    www.gmail.com

b)    www.yahoo.com

c)    www.rediffmail.com

d)    www.hotmail.com

e)    www.india.com

1 FTP ( File Transfer Protocol ) यह प्रोटोकॉल एक computer इन्टरनेट से दूसरे computer नेटवर्क में फाइल send करने में मदद करता है.

वर्ल्ड वाइड वेब ( World Wide Web)

 

विश्व व्यापी जाल (www) और इन्टरनेट दोनों दो अलग चीजे है लेकिन दोनों एक दूसरे पर निर्भर है. वर्ल्ड वाइड वेब जानकारी से जुड़े  पेजों का विशाल भंडार है जो एक दूसरे से जुड़े है . जिसे वेब पेज कहते है . वेब पेज HTML भाषा में लिखा होता है. जो कंप्यूटर में प्रयुक्त एक भाषा है. HTML (हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज) का संक्षिप्त रूप है. हर पेज टेक्स्ट , चित्र , ध्वनि क्लिप, विडियो क्लिप, एनीमेशन और विभिन्न चीजो का संयोग है. वेब पेज को जो सही तरीके से कम करने के लायक  बनाता है वह है हाइपरलिंक जिसे अक्सर लिंक कहा जाता है. हाइपरलिंक लिंक पर माउस पॉइंटर से पॉइंट करने से पॉइंटर का आकार हाथ जैसा हो जाता है. हर एक लिंक किसी दूसरे पेज को बताता  है . और जब हम उस लिंक पर क्लिक करते है तो हमारा वेब ब्राउज़र लिंक से जुड़े पेज को उपलब्ध कराता है. अतः वर्ल्ड वाइड वेब एक बहुत बड़े डाटाबेसो का एक भंडार है. तथा हर सूचना एक दूसरे से जुड़े हुए है . वेब पेज को दोबारा से लोड करने  के लिए रिलोड बटन पर क्लिक करते है. वर्ल्ड वाइड वेब का विकास  टिम बोर्नोर्स ली ने 1989 में किया था/

 

ई-कॉमर्स ( E-Commorce)

 

ई – कॉमर्स बिना कागज के व्यापार जानकारी का इलेक्ट्रानिक डेटा इंटरचेंज के द्वारा प्रदान करता है. ई – कॉमर्स के अंतर्गत वस्तुओ को खरीदना या बेचना जैसे की हम amazone या flipkart से वस्तुओ को खरीदते है यह ई – कॉमर्स कहलाता है. प्रमुख ई- कॉमर्स कंपनी निम्नलिखित है. जैसे – Amazone Flipkart,

 

विडिओ कांफ्रंसिंग (Video Confrencing)

 

इन्टरनेट के द्वारा अलग अलग जगहों स्थानों  पर आडियो, वीडियो डेटा संचारित करने के लिए तथा दो या दो से अधिक लोगो के बीच एक सम्मलेन का कार्यक्रम करने में सक्षम बनाता है. अर्थात दो या दो से अधिक व्यक्ति इन्टरनेट के द्वारा ऐसे वार्तालाप कर सकते जैसे वे आमने सामने हो इसमें कंप्यूटर के साथ साथ वीडियो कैमरा , माइक्रोफ़ोन तथा स्पीकर की आवश्यकता होती है. एक विडियो टेलीफोन की तरह काम करता है.

इन्टरनेट के फायदे तथा नुकसान क्या है?

School  और college में हमें बताया जाता है की हर चीज के Adventage और Disadvetage होते है और हमें उसके ऊपर निबंध लिखने को भी बोला जाता है . हम जानते है कि हर चीज के दो पहलु होते है एक फायदा दूसरा नुकसान इसी तरह इन्टरनेट के भी दो पहलु है एक फायदा दूसरा नुकसान तो हम इन्टरनेट के फायदे तथा नुकसान के बारे बात करने वाले है .

इंटरनेट के फायदे क्या है?

इंटरनेट जानकारी का भंडार है, यहां से हम किसी भी तरह की information और knowledge प्राप्त कर सकते है.इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के बीच एक connectivity आयी है. आज हम इन्टरनेट से इस तरह जुड़ चुके है कि मानो अगर हमे बिना इन्टरनेट के एक दिन कही गुजरना पड़े तो बड़ा मुश्किल होता है . क्यों की इन्टरनेट के बिना हम एक तरह से ज्यादा कुछ कम नही कर सकते है. अगर हमें किसी को पैसे भेजने  होते है तो हमें आज के टाइम में अपने बैंक जाने के आवश्यकता नही हम घर बैठे इन्टरनेट की मदद से उसे पैसे भेज सकते है. और आज के टाइम में हम इन्टरनेट का न जाने कितना उपयोग करते है आज के टाइम में हम Facebook तथा अन्य social साईट पर व्यस्त रहते है . या अपनी पोस्ट तथा फोटो को शेयर करते रहते है . अगर हमें कही का address नही पता तो हम तुरंत GPS map का उपयोग करते है . इसके साथ ही हम  online bill payment, ticket booking तथा  online shopping घर बैठे सिर्फ कुछ ही मिनटों में कर सकते है.

इंटरनेट के नुकसान क्या है?

वैसे तो हर चीज के कुछ फायदे तथा कुछ नुकसान होते है लेकिन जब कोई चीज पर्याप्त मात्रा से ज्यादा प्रयोग की जाती है तो उसके कुछ नुकसान भी सामने आने लगते है .जैसे हम दिनभर इन्टरनेट पर Online Game खेलते है तो इससे भी हमारे शरीर को काफी नुकसान होता है. तथा अधिक देर तक Mobile Screen के सामने रहने से हमारी आखों पर काफी बुरा असर पड़ता है. Hacking तथा Froud इन्टरनेट के जरिये काफी बढ़ रहा है. अगर हम इन्टरनेट में गलत सूचनाओ को खोजते तथा देखते है तो हमारे जीवन शैली में उसका काफी असर पड़ता है . तथा इन्टरनेट के गलत इस्तमाल से हम काफी नुकसान उठा सकते है. कुछ हैकर इन्ही गलत साईट में वायरस डाल कर रखते है. और जैसी ही उन साईट में जाते हो तो आपके PC/Laptop या Mobile में वायरस चला जाता है. अगर आपके सिस्टम में एंटीवायरस नही है तो आप काफी नुकसान उठा सकते हो. इस लिए मै कहना चाहूँगा कि आप इन्टरनेट का उतना ही इस्तेमाल करे जितनी जरूरत हो.

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Conclusion

मुझे आशा है कि आपको Internet kise kahte hai के बारे में पूरी तरह से जानकारी मिल गयी होगी अगर आपके मन में कोई आशंका या Doubts है . या आपको लगता है इसमें कोई सुधार होना चाहिए तो आप बे झिझक मुझे Comment कर सकते हो मै उसे जरूर गंभीरता से लूँगा आपके इन्ही विचारो से हमें कुछ सीखने तथा सुधारने का मौका मिलेगा.

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धन्यवाद/


 


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