Computer Hardware input device and output device
Computer में उपस्थित Input Device तथा Output Device समूह को
Hardware कहा जाता है
Input Device (इनपुट डिवाइस)
Input Device ऐसे device जिनके माध्यम से Computerमें Data Enter किया जाता है Input Device कहलाता है
कुछ Input Device निम्नलिखित है
1. Keyboard
2.
Mouse
Keyboard (की – बोर्ड )
यह Computer का
महत्वपूर्ण Input Device होता है इसका प्रयोग Computerमें
Data Entry के लिए प्रयोग किया जाता है एक
सामान्य keyboard में लगभग 150 keys होती है . तथा keyboard keys 6 प्रकार की होती
है जो निम्नलिखित है
1.
Number
keys (01-9)
2.
Function
key (F1-F12)
3.
Logical
key ( ~, !,#,@,$,%,^,&,*,(,),_,+, )
4.
Alphabetical
key ( A-Z )
5.
Arthmetical
key ( +,_,×,÷ )
6.
Special
key ( Alt, Ctrl, Shift, Enter, Backspace, Numlock )
1
Number keys (01-9) इन
की keys का उपयोग नंबर या अंक टाइप करने
के लिए होता है इस पर 0 से 9 तक संख्या अंकित रहते है .साधारण की – बोर्ड के
दाहिने तरफ अंक टाइप करने के लिए संख्या की-पैड होता है इसमें 0 से 9 तक अंक
,दशमलव ,जोड़ ,घटाना,गुणा तथा भाग के keys होते है .
2 Function keys (F1-F12) ये
की-बोर्ड में सबसे स्थित होते है इन बटन पर F1 से F12 अंकित होते है .
इनका
प्रयोग हर बार किये जाने वाले कार्य के लिए पहले से निर्धारित किया हुआ होता है . इसके उपयोग करने से समय की भी बचत होती है .
3
Alphabetical keys ( A-Z ) की – बोर्ड में 26 अल्फाबेट की (keys)
A से Z तक होते है जिनका उपयोग कर हम किसी भी टेक्स्ट
(text) को लिखने Type करने में करते है .
कैप्स लॉक की यह एक टांगल बटन है
टांगल बटन अर्थात एक बार दबाने पर सक्रीय तथा दूसरी बार दबाने पर निष्क्रिय हो
जाती है इसे संक्रिय रखने (on) पर सारे अक्षर बड़े अक्षरों (Capital Letter) में लिखा जाता है इसे पुनः दबाने पर
निष्क्रिय किया जाता है जिससे छोटे अक्षरों
(Small Letter) में लिखने आरम्भ होता है
नम लॉक की यह भी टांगल बटन की तरह है जब इसे सक्रीय करते है तो उपर के
सभी नंबर की सक्रीय होते है जब इसे निष्क्रिय करते है तो सभी नंबर की भी निष्क्रिय
हो जाते है
Mouse (माउस)
यह माउस के आकार का Input Deviceहोता है जिसका प्रयोग Porting Device के रूप में किया जाता है .
यह Online input
device होता है जिसे हाथ से पकड़ कर समतल में घुमाने से Pointer का नियंत्रण होता
है .
तथा Pointer एक तीर
के आकार का चित्रित होता है .डगलस सी इन्जेल्व्रार्ट ने 1977 में इसका अविष्कार किया था .
इसमें लेफ्ट बटन
,राइट बटन और बीच में एक स्क्रिल व्हील होता है .माउस के उपयोग करने से हमें की –बोर्ड
के किसी भी बटन को यद् करने की जरूरत नही पड़ती है इसमें जहा जहा पॉइंटर जाता हमें
वहा वह क्लिक करना होता है और वो ओपन हो जाता है .माउस के नीचे एक रबर बाल होता
होता है जो पॉइंटर को इधर उधर ले जाने में मदद करता है
Mouse मुख्यता तीन प्रकार के होते
है
1.
Macanical
2.
Optical
3.
Card less
Out Put Device (आउट पुट डिवाइस)
ऐसे device जिनके माध्यम से Computer से डाटा को आउट पुटिंग की जाती है output device कहलाते है
![]() |
| V.D.U |
प्रिंटर (Printer)
आउट पुट device के
क्षेत्र में यह अपना विशेष स्थान रखता है जिसके द्वारा शाफ़्ट कॉपी का
प्रिंटेड कॉपी या हार्ड कॉपी कागज पर प्राप्त होता है इसका उपयोग स्थाई दस्तावेजो
को तैयार करने में किया जाता है
Printer के प्रकार
Computer प्रिंटर को मुख्यता तीन समूहों में
बाटा जाता है _
1.
कैरेक्टर प्रिंटर यह एक बार में एक कैरेक्टर प्रिंट करता है .इसे सीरियल प्रिंटर भी कहते है
कैरेक्टर प्रिंटर 200-450 कैरेक्टर
/सेकेण्ड प्रिंट करता है
2.
लाइन प्रिंटर यह एक
बार में एक लाइन प्रिंट करता है .यह तीव्र गति से कार्य करता है .लाइन
प्रिंटर 200 -2000 कैरेक्टर /मिनट प्रिंट
करता है
3.
पेज प्रिंटर यह एक बार में पूरा पेज प्रिंट करता है . यह ज्यादा डेटा का प्रिंट करने में सक्षम होता है
प्रिंट करने
के तरीके के अनुसार प्रिंटर दो प्रकार के होते है _
a) इम्पैकट प्रिंटर यह कागज रिबन तथा कैरेक्टर तीनो पर एक साथ चोट कर डेटा प्रिंट करता है .इम्पैक्ट प्रिंटर भी कई प्रकार के होते है.
I.डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर यह एक कैरेक्टर प्रिंटर है .जिसमे एक प्रिंट हेड होता है जो आगे –पीछे तथा ऊपर नीचे घूमता है .यह स्याही लगे रिबन पर चोट कर प्रिंट करता है .यह 80 कॉलम तथा 132 कॉलम दो तरह की क्षमता में आता है इसमें प्रिंटिंग खर्च बाकी प्रिंटरो की अपेक्षा कम आता है लेकिन प्रिंट की गुणवत्ता और स्पीड दुसरे प्रिंटरो के मुकाबले कम होती है .इसमें एक बार में केवल एक रंग का प्रिंट लिया जा सकता है इस लिए इसे मोनो प्रिंटर भी कहते है इसकी क्षमता को डी पी आई ( Dot Per Inch) में मापा जाता है .
a) नन इम्पैक्ट प्रिंटर यह ध्वनी मुक्त प्रिंटर है क्योकि इसमें प्रिंटिंग हेड कागज
पर चोट नही करता है .नन इम्पैक्ट प्रिंटर भी कई प्रकार के होते है _
1
इंकजेट प्रिंटर यह नन इम्पैक्ट कैरेक्टर प्रिंटर है . यह इंकजेट तकनीक पर
कार्य करता है . यह दो तरह के होते है –मोनो और रंगीन इसमें स्याही के लिए
कार्ट्रिज लगाया जाता है स्याही को जेट की सहायता से छिड़ककर कैरेक्टर तथा चित्र
प्राप्त होता है इसकी गुणवत्ता तथा स्पीड दोनों कम होते है .तथा इसमें प्रिंटिंग
खर्च भी ज्यादा आता है
1 लेज़र प्रिंटर यह तीव्र गति से पेज प्रिंटर है इसमें लेज़र बीम की सहायता
से इसपर आकृति बनाता है .
लेज़र बीम ड्रम
पर डालने के फलस्वरूप विधुत चार्ज हो जाता है .तब ड्रम को टोनर में लुढकाया जाता
है
जिससे टोनर
ड्रम के चार्ज भागो में लग जाता है . इसमें
ताप तथा दबाव के मिलान से कागज पर ट्रान्सफर कर दिया जाता है जिससे प्रिंट
प्राप्त होता है . यह थर्मल तकनीक पर काम करता है यह दो तरह के होते है – मोनो और
रंगीन इसकी गुणवत्ता और स्पीड बाकि प्रिंटरो की तुलना में ज्यादा होती है
1 थर्मल प्रिंटर इसमें थर्मोक्रोमिक कागज का उपयोग किया जाता है जब कागज थरमल प्रिंट हेड से गुजरता है तो कागज के ऊपर स्थित लेप उस जगह पर काला हो जाता है जहा यह गर्म होता है .तथा प्रिंट प्राप्त होता है यह ध्वनि रहित होता है इसमें प्रिंट की गुणवत्ता अच्छी होती है
Conclusion
मुझे आशा है कि आपको Computer hardware के बारे
में पूरी तरह से जानकारी मिल गयी होगी अगर आपके मन में कोई आशंका या Dounts है .
या आपको लगता है इसमें कोई सुधार होना चाहिए तो आप बे झिझक मुझे Comment कर सकते
हो मै उसे जरूर गंभीरता से लूँगा आपके इन्ही विचारो से हमें कुछ सीखने तथा सुधारने
का मौका मिलेगा.
अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो आप अपने दोस्तों में भी शेयर करिये...
धन्यवाद/









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